हमेशा ख़ुश रहने का एक मात्र उपाय।
हमेशा ख़ुश रहने का एक मात्र उपाय।
जहा चारो तरफ़ ज़्यादा से ज़्यादा पैसे कमाने की होड़ में लोग जिंदगी जीना भूल चुके है, तो वही कुछ
लोग ऐसे भी है, जो दो पल की रोटी को भी तरसते है । हमारा समाज ही कुछ इस तरह के पुलिंदों पर बंधा हुआ है जहा सिर्फ पैसों को ही सबसे ऊपर समझा जाता है, उसके हिसाब से सफल जीवन का मक़सद सिर्फ़ ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने से बढ़कर और कुछ नहीं है । तो क्या सच में सिर्फ पैसों से ही सफ़ल मानव जीवन जिया जा सकता है और अगर आप के पास बहुत सारे पैसे न हो तो
क्या आप जिंदगी भर दुःखी रहोगे। इसका सीधा सा ज़वाब है " नहीं " बिलकुल भी नहीं।
बेशक़ पैसे आपको वो सारी सुखसुविधा दिला देंगे जिसके आप कभी सपने देखते थे, जो काफ़ी हद तक आपकी जिंदगी आसान कर देगा या यु कहे तो आपको आलसी बना देगा।पैसों से आप एक हद तक शारीरिक सुख पा सकते है, जिसकी कामन हर वो इंसान करता है ।जो पैसे कमाता है वो एक बड़ासा घर लेना चाहता है, बड़ी सी गाड़ी लेना चाहता है, समाज में अपना स्तर ऊपर उठाना चाहता है, क्युकी ये समाज सिर्फ उन्हीं लोगों को सफल मानता है जो सुख सुख- सुविधा से भरपूर जिंदगी गुज़ारते है जिनके पास आपको लुभाने के लिए हर वो चीज़ है, जो बाज़ार में एक महंगी क़ीमत चुकाने पर मिलती है ।

पर समाजिक और शारीरिक खुशियों के बीच हम एक बहुत जरुरी और ध्यान देने वाली बात नज़रअंदाज़ कर देते है और वो है मानसिक ख़ुशी जब तक आप अपने लिए हुए घर में चैन की नींद न सो पाओ तो घर किस काम का ? जब तक आप अपनी ली हुई गाड़ी को ख़ुद न चला पाओ तो वो गाड़ी किस काम की ?
समाज में पाया हुआ सम्मान और प्रतिष्ठा आप के उपयोगी होने का उदाहरण है, न की आप के अच्छे व्यक्तित्व का, जब तक आप अपनी खुशियों को लेकर दूसरे लोगों या किसी तरह की चीज़ पर निर्भर रहते है, तो बेशक़ आप अपनी खुशियां खो रहे है यूँ कहे तो आप ख़ुश होने को एक दायरे में बाँध रहे हैजिससे आप जिंदगी में सिर्फ़ तभी ख़ुश हो पाएंगेजब सारा कुछ आप जैसे सोचेंगे वैसा होगा, और जब चीज़े दायरे से बाहर चली जाएँगी आप फ़िर उसी उलझन में पड़ जायेंगे की मेरे साथ कभी कुछ अच्छा क्यों नहीं होता ?
इन सब के चक्कर से बहार निकलने का बड़ा ही आसान रास्ता है । और वो है की ख़ुश होने के लिए कोई ख़ास दिन नहीं होता कोशिश करिये की आप रोज़ मर्राह की आम जिंदगी में भी कुछ ऐसे पल ढूंढें जो दो पल के लिए ही सही लेकिन आप को खुश कर जाए, नए लोगों से बात करना हमेशा अच्छा होता है इस वक़्त आप ख़ुद को बेहतर जान पाते है, जिंदगी में किसी ऐसे का होना जिसे आपके रंग से , ढँग से कोई फ़र्क न पड़ता हो जो सिर्फ़ आपको देखकर ही ख़ुश हो जाता हो । वो आपको भी ख़ुश कर जाएग । आपकी ऐसी जिंदगी एक पेट (dog, cat) भी मुमक़िन कर सकता है, जानवर इंसान का सबसे अच्छा दोस्त बन सकता है अगर हम ऐसा करना चाहे तो, जब भी वक़्त मिल दस मिनट के लिए ही सही आँखें बंद करके सब कुछ भूलने की कोशिश कीजिये, अगर आप काफ़ी समय से लगातार काम कर रहे है, तो एक गरमा गर्म चाय या कॉफ़ी भी काफी कुछ
भुला सकती है। या अपने आस - पास थोड़ा चक्कर लगा लीजिये, ये सारे तरीक़े काफी हद तक आप को वर्तमान यानी की आज में रखने के लिए कारगर है, क्युकी आप ख़ुश केवल आज में रहकर ही हो सकते है बीती हुयी बाते और आने वाला कल सिर्फ़ एक टीस और डर दे सकता है इससे ज़्यादा और कुछ नहीं।
ज़्यादातर परेशानियाँ हम यु ही बेवज़ह भी लेते है तो थोड़ा बेफ़िक्र होना भी आपको सीखना चाहिए, कभी कभार सुरज की रौशनी में आकर एक लंबी साँस भरकर कोई गाना गुनगुनाइए और देखिये आपकी हर चिंता मिंटो में ग़ायब हो जाएगी । आप किसी भी चीज़ से तब तक छुटकारा नहीं पा सकते जब तक वो ठीक न हो जाये तो कोशिश कीजिये की आप चीज़ो को ठंडे दिमाग़ से समझे और उन्हें ठीक करने की कोशिश करें, बावज़ूद इसके अगर चीज़ें ठीक न हो, तो कुछ समय के लिए उसे भूल जाना ही अच्छा होगा कुछ वक़्त बाद फ़िर कोशिश कीजिये पर इस बार नए तरीक़े और नयी सोच के साथ ।
Leave a Comment